यदि तोर डाक सुने केऊ ना आशे, तबे एकला चालो रे, एकला चालो, एकला चालो, एकला चालो।

Sunday 8 June 2008

अनवरत यातना


1 comments:

Udan Tashtari said...

बढ़िया है और पेश करें.